मप्र में 500 करोड़ के पोषण घोटाले की जांच तेज, पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस पर FIR दर्ज

500 करोड़ का घोटाला: मध्य प्रदेश में बड़ा खुलासा!-मध्य प्रदेश में लोकायुक्त ने पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और पूर्व सीईओ ललित मोहन पर आजीविका मिशन में 500 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला दर्ज किया है। पूर्व विधायक पारस सकलेचा की शिकायत के बाद यह बड़ी कार्रवाई हुई है।
500 करोड़ का खेल कैसे हुआ?-इस घोटाले में आठ जिलों में पोषण आहार योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। 2018 से 2022 के बीच हुए इस घोटाले में वितरण, परिवहन और गुणवत्ता में अनियमितताएँ पाई गईं। यह सब उस समय हुआ जब इकबाल सिंह बैंस प्रशासन में सबसे ऊपर थे और ललित मोहन सीईओ थे। पूरी योजना में भारी गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा हुआ है जिससे करोड़ों का घोटाला हुआ है।
करीबी को दिया गया सीईओ का पद?-आरोप है कि बैंस ने अपने करीबी ललित मोहन को वन विभाग से हटाकर आजीविका मिशन का सीईओ बना दिया। इसके बाद पोषण आहार से जुड़ी सातों फैक्ट्रियों का नियंत्रण आजीविका मिशन को दे दिया गया जिससे घोटाले की आशंका और बढ़ गई।
ऑडिट रिपोर्ट ने खोली पोल-मार्च 2025 की ऑडिट रिपोर्ट में 481.79 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ। इससे साफ है कि यह घोटाला सिर्फ आरोप नहीं, बल्कि सच है। ऑडिट रिपोर्ट ने इस पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
और भी अधिकारी जांच के दायरे में-इस कार्रवाई के बाद कई और अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। देखना होगा कि आगे जांच में क्या और खुलासे होते हैं। यह मामला कई और लोगों को भी घेर सकता है।




