छत्तीसगढ़

मेडिकल स्टोर्स, अस्पतालों और पेट शॉप्स पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन की सघन जांच

कोरबा। जिले में आम नागरिकों और पशुओं के लिए उपलब्ध कराई जा रही दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने तीन दिवसीय विशेष जांच अभियान चलाया। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन नवा रायपुर तथा कलेक्टर कोरबा के निर्देश पर यह कार्रवाई सहायक औषधि नियंत्रक के मार्गदर्शन में 6 से 8 जून तक जिलेभर में की गई।

अभियान के दौरान मेडिकल स्टोर्स, शासकीय अस्पतालों, कॉस्मेटिक दुकानों, पेट शॉप्स और पशु औषधि विक्रेताओं की जांच कर दवाओं एवं कॉस्मेटिक उत्पादों की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और क्रय-विक्रय संबंधी दस्तावेजों का निरीक्षण किया गया।

अभियान के पहले दिन सुरतरा, उरगा और कोरबा शहर के विभिन्न मेडिकल स्टोर्स एवं कॉस्मेटिक दुकानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान अधिकारियों ने कॉस्मेटिक सामग्री के उचित तापमान पर भंडारण, वैध बिलों के माध्यम से खरीदारी और रिकॉर्ड संधारण के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

दूसरे दिन टीम ने शासकीय चिकित्सालय केंद्रीय भंडार, अर्बन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दीपका और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई बाजार का निरीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय स्तर पर खरीद जाने वाली दवाओं के क्रय-विक्रय दस्तावेजों की जांच की गई।अधिकारियों ने फार्मासिस्टों और स्टोर प्रभारियों को निर्देशित किया कि दवाओं की खरीद केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही की जाए तथा गुणवत्तायुक्त औषधियों का उचित तापमान में सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जाए।

अभियान के तीसरे दिन पशुओं के उपचार में उपयोग होने वाली दवाओं की बिक्री और गुणवत्ता की जांच की गई। निहारिका, बुधवारी बायपास, खरमोरा, पुराना बस स्टैंड, बजरंग चौक और दीपका क्षेत्र के पेट शॉप्स, पशु चारा दुकानों एवं वेटनरी मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया गया।

दुकान संचालकों को बिना वैध औषधि अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के पशु औषधियों की बिक्री नहीं करने और केवल पशु चिकित्सकों की सलाह के अनुसार ही दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य पशुओं में दवाओं के दुरुपयोग पर नियंत्रण करना, स्थानीय स्तर पर खरीद जाने वाली औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा आम नागरिकों को सुरक्षित, मानक अनुरूप और गुणवत्तायुक्त दवाएं उपलब्ध कराना है।

इस विशेष अभियान में सहायक औषधि नियंत्रक महेन्द्र कुमार देवांगन, औषधि निरीक्षक सुनील सांडे, रिशी साहू और वीरेन्द्र भगत शामिल रहे।

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