
देहरादून में महिला सुरक्षा पर हरीश रावत का गंभीर सवाल: क्या राजधानी सचमुच असुरक्षित?
देहरादून की असुरक्षित छवि: एक चिंताजनक हकीकत-उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश की राजधानी देहरादून में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि यह हमारे समाज के लिए शर्मनाक बात है कि देहरादून जैसे शहर को महिलाओं के लिए असुरक्षित माना जा रहा है। यह स्थिति प्रदेश के लिए वाकई चिंता का विषय है।
रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़े: क्या कहते हैं आँकड़े?-पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि ‘नारी 2025 की रिपोर्ट’ के अनुसार, देहरादून महिलाओं के लिए सुरक्षित शहरों की सूची में काफी नीचे आता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिला सुरक्षा के मामले में राष्ट्रीय औसत भी देहरादून में कम पाया गया है। यह रिपोर्ट राज्य सरकार और पूरे समाज के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है।
सामाजिक और सरकारी जिम्मेदारी: साथ मिलकर उठाएं कदम-हरीश रावत ने इस रिपोर्ट को नजरअंदाज करने को खतरनाक बताते हुए कहा कि सरकार, समाज और सभी संबंधित संस्थाओं को मिलकर इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने एक सामाजिक अभियान चलाने और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर बल दिया। उनका मानना है कि यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम एक सुरक्षित वातावरण बनाएं।
हर महिला का अधिकार: निडर होकर जिएं अपने सपने-पूर्व मुख्यमंत्री का कहना है कि अगर राजधानी ही महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं रहेगी, तो प्रदेश के बाकी हिस्सों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर महिला को बिना किसी डर के अपने सपनों को पूरा करने का अधिकार है। समाज को यह सुनिश्चित करना होगा कि महिलाएं सुरक्षित महसूस करें।




