सोने ने तोड़ा अब तक का रिकॉर्ड: 1.11 लाख के पार, चांदी भी बनी निवेशकों की पहली पसंद

सोने-चांदी की कीमतों में तूफानी तेजी: क्या है इसके पीछे का राज?
घरेलू बाजार में सोने ने छुए आसमान, निवेशकों की बढ़ी रौनक-दोस्तों, आजकल सोने और चांदी के दाम आसमान छू रहे हैं! अगर आप भी इन कीमती धातुओं में निवेश करते हैं, तो आपने देखा होगा कि कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। सोमवार को तो घरेलू वायदा बाजार में सोना 1.11 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के ऐसे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जिसे देखकर सब हैरान रह गए। चांदी ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी और नए उच्च स्तर बनाकर निवेशकों को खूब चौंकाया है। चलिए, आज इसी पर थोड़ी बात करते हैं कि आखिर इन दामों में इतनी बढ़ोतरी क्यों हो रही है और आगे क्या उम्मीद की जा सकती है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर में डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव 799 रुपये की उछाल के साथ 1,11,750 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गए। वहीं, अक्टूबर डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट भी 761 रुपये बढ़कर 1,10,608 रुपये पर आ गए। कमाल की बात तो यह है कि पिछले हफ्ते ही सोना 1,10,666 रुपये का अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ चुका था। यह लगातार दूसरा हफ्ता है जब सोना नए रिकॉर्ड बना रहा है। जानकार बताते हैं कि रुपये का कमजोर होना और शेयर बाजार की धीमी चाल, इन दोनों वजहों से सोने को सहारा मिला है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजार में जो तेजी देखी जा रही है, उसका सीधा असर हमारे घरेलू दामों पर भी पड़ रहा है।
चांदी की चमक बढ़ी, औद्योगिक मांग भी बनी वजह-सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी की कीमतों ने भी नए रिकॉर्ड बनाए हैं। मार्च 2026 में डिलीवरी होने वाली चांदी के भाव 2,446 रुपये की तेजी के साथ 1,33,582 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए। वहीं, दिसंबर में डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट 2,473 रुपये उछलकर 1,32,311 रुपये तक जा पहुंचे। चांदी की कीमतें निवेशकों के लिए इसलिए भी ज्यादा आकर्षक लग रही हैं क्योंकि इसकी औद्योगिक मांग भी खूब बढ़ रही है। आजकल इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), बैटरी स्टोरेज, 5G टेक्नोलॉजी और सोलर पैनल्स की मांग काफी बढ़ गई है, और इन सबमें चांदी का इस्तेमाल होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में चांदी की कीमतें 1.40 लाख से 1.50 लाख रुपये प्रति किलो तक भी पहुंच सकती हैं। यह वाकई चांदी की चमक को और बढ़ा रहा है और निवेशकों के लिए एक अच्छा मौका साबित हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व का खेल-यह तेजी सिर्फ हमारे देश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सोना और चांदी रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के दाम 26.82 डॉलर बढ़कर 3,732.62 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गए। पिछले हफ्ते तो यह 3,744 डॉलर के अब तक के उच्चतम स्तर पर भी गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने हाल ही में ब्याज दरों में जो कटौती की है और आगे भी कटौती की संभावना है, उसने सोने को और मजबूत बनाया है। अभी निवेशकों की नजरें अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों और फेड के अधिकारियों की बातों पर टिकी हुई हैं। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की चमक लगातार बनी हुई है और निवेशक इसे सुरक्षित निवेश मान रहे हैं।
क्यों चढ़ रहे हैं सोने-चांदी के दाम? वजहें हैं कई!-इस साल अब तक सोने की कीमतों में करीब 40% की बढ़ोतरी देखी गई है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि दुनिया भर के निवेशक इन दिनों एक सुरक्षित ठिकाना तलाश रहे हैं। दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक सुस्ती और अमेरिकी नीतियों की अनिश्चितता ने सोने को एक भरोसेमंद निवेश का जरिया बना दिया है। इसके अलावा, दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोने की खरीद कर रहे हैं और गोल्ड ईटीएफ (ETF) में भी निवेश बढ़ रहा है, जिसने दामों को और ऊपर पहुंचाया है। वहीं, चांदी की कहानी थोड़ी और मजबूत है क्योंकि यह सिर्फ निवेश के लिए ही नहीं, बल्कि उद्योगों की बढ़ती जरूरतों को भी पूरा कर रही है। इस दोहरी वजह से चांदी की मांग और कीमत, दोनों में ही अच्छी बढ़ोतरी देखी जा रही है।




