सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने के लिए वैश्विक सहयोग जरूरीः जेपी नड्डा

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा गुरुवार को कहा कि भारत सर्वाइकल कैंसर को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने और वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सर्वाइकल कैंसर के उन्मूलन के लिए वैश्विक सहयोग बेहद जरूरी है। गुरुवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुख्यालय में वर्चुअल प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य और गरिमा भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने दोहराया कि भारत सरकार महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसे रोके जा सकने वाले रोगों से बचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
सर्वाइकल कैंसर से निपटने के लिए बहु-आयामी रणनीति
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर वैश्विक स्तर पर और भारत में भी एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। इससे निपटने के लिए भारत सरकार ने रोकथाम, स्क्रीनिंग, प्रारंभिक पहचान और समय पर उपचार पर आधारित एक बहु-आयामी रणनीति अपनाई है।
जेपी नड्डा कहा कि एचपीवी टीकाकरण अभियान 90 दिनों की अवधि में चलाया जा रहा है और इसमें सिंगल-डोज शेड्यूल अपनाया गया है। इस अभियान में गर्दसिल क्वाड्रिवलेंट वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत के तकनीकी सलाहकार समूह के सिफारिशों के अनुसार है। यह टीका देशभर के निर्धारित सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
नड्डा ने कहा कि इस पहल के समुदाय-केंद्रित स्वरूप पर जोर देते हुए कहा कि एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम पूरी तरह स्वैच्छिक है। इसमें माता-पिता की सहमति को अभियान का मुख्य आधार बनाया गया है, जो भारत में पारिवारिक स्वायत्तता और सामुदायिक मूल्यों के सम्मान को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है।




