
शिखर धवन को ED का समन: क्या है पूरा मामला?
शिखर धवन से पूछताछ: बेटिंग ऐप मनी लॉन्ड्रिंग केस में नाम?-भारतीय क्रिकेट के गब्बर, शिखर धवन, को हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूछताछ के लिए बुलाया है। यह समन एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है, जिसका संबंध एक गैरकानूनी बेटिंग ऐप से बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, धवन का नाम इस ऐप के साथ उनके एंडोर्समेंट (प्रचार) सौदों के कारण सामने आया है। ईडी यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस ऐप के साथ शिखर धवन का कितना और किस तरह का जुड़ाव रहा है। यह खबर क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है, और फैंस यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि इस मामले में आगे क्या होता है।
1xBet ऐप का सच: करोड़ों की हेराफेरी का जाल-यह पूरा मामला 1xBet नामक एक ऑनलाइन बेटिंग ऐप के इर्द-गिर्द घूम रहा है, जिस पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और टैक्स चोरी के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रवर्तन निदेशालय का मानना है कि इस ऐप के ज़रिए न जाने कितने ही लोगों और निवेशकों को ठगा गया है और भारी मात्रा में पैसों का हेरफेर किया गया है। इसी गंभीर मामले की जांच के तहत, 39 वर्षीय पूर्व भारतीय ओपनर शिखर धवन से विस्तृत पूछताछ की जाएगी। धवन ने अपने क्रिकेट करियर में कई यादगार पारियां खेली हैं और वह अपनी बेखौफ बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं।
क्या ये पहली बार है? बड़े नामों पर भी हुई है कार्रवाई-यह कोई पहला मौका नहीं है जब किसी बड़े क्रिकेटर का नाम इस तरह के किसी मामले में सामने आया हो। पिछले महीने ही, पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना से भी इसी बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने पूछताछ की थी। यह दिखाता है कि जांच एजेंसियां ऐसे गैरकानूनी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कितनी सक्रिय हैं, जो मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दे सकते हैं। इस तरह की जांच का दायरा सिर्फ खिलाड़ियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बड़े व्यापारी और निवेशक भी शामिल हो सकते हैं, जो इन ऐप्स के ज़रिए अपनी वित्तीय गतिविधियों को अंजाम देते हैं।
सरकार का कड़ा रुख: ऑनलाइन गेमिंग पर नए नियम-यह जानना बेहद ज़रूरी है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में ऑनलाइन गेमिंग, खासकर रियल मनी गेम्स पर नकेल कसने के लिए एक नया और सख्त कानून लागू किया है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य ऐसे प्लेटफॉर्म्स को पूरी तरह से प्रतिबंधित करना है जो लोगों को पैसे कमाने के लालच में फंसाकर उनसे धोखाधड़ी करते हैं। सरकार का यह कदम न केवल टैक्स चोरी को रोकने में मदद करेगा, बल्कि आम जनता को ऐसे ऑनलाइन घोटालों से भी बचाएगा। यही कारण है कि आजकल इस तरह के मामलों में तुरंत और कड़ी कार्रवाई की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

