दिव्या भारती की रहस्यमयी मौत: कायनात अरोड़ा के खुलासे और मां की भविष्यवाणी ने चौंकाया

दिव्या भारती: 90 के दशक की वो सनसनी, जिसकी मौत आज भी एक अनसुलझा राज है
जब एक सितारा आसमान से टूटा: दिव्या भारती का अविश्वसनीय सफर-90 का दशक बॉलीवुड के लिए किसी सुनहरे दौर से कम नहीं था। इसी दौर में कई नए चेहरे पर्दे पर आए, लेकिन दिव्या भारती का नाम कुछ ऐसा था, जो सीधे दिलों में उतर गया। कम उम्र में ही उन्होंने वो मुकाम हासिल कर लिया, जिसका हर कलाकार सिर्फ सपना देखता है। उनकी अदा, उनकी मासूमियत, और उनकी एक्टिंग का जादू ऐसा था कि हर कोई बस देखता रह जाता था। लेकिन 5 अप्रैल 1993 की वो मनहूस रात, जब उनकी मौत की खबर आई, तो मानो पूरे देश ने अपना एक अनमोल हीरा खो दिया। उनकी अचानक विदाई ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया था।
तेजी से बुलंदियों को छूतीं दिव्या: एक अनकही कहानी-दिव्या भारती ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साउथ की फिल्म ‘बोब्बिली राजा’ से की थी, लेकिन हिंदी सिनेमा में उन्होंने 1992 में फिल्म ‘विश्वात्मा’ से धमाकेदार एंट्री मारी। आज भी फिल्म का गाना ‘सात समंदर पार’ लोगों की ज़ुबान पर है। इसके बाद तो जैसे उन्होंने हिट फिल्मों की झड़ी लगा दी। सिर्फ 19 साल की उम्र में वो एक सुपरस्टार बन चुकी थीं। उनकी खूबसूरती, भोलापन और गज़ब की एक्टिंग ने दर्शकों को अपना दीवाना बना लिया था। लेकिन अफसोस, सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचने के ठीक बाद ही किस्मत ने उनसे मुंह मोड़ लिया। दिव्या का फिल्मी सफर जितना तेज़ था, उतना ही छोटा भी रहा, जो हर किसी को आज भी खलती है।
कायनात अरोड़ा की जुबानी: दिव्या की यादें और मां का प्यार-दिव्या भारती की चचेरी बहन और खुद एक एक्ट्रेस, कायनात अरोड़ा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कई दिल छू लेने वाली बातें बताईं। उन्होंने बताया कि जब दिव्या के साथ वो हादसा हुआ, तब वो बहुत छोटी थीं। मुंबई आने के बाद उनका दिव्या भारती के परिवार से रिश्ता बहुत गहरा हो गया था। कायनात ने दिव्या की मां, मीता भारती को बड़े प्यार से ‘मीता मॉम’ कहकर याद किया। उन्होंने बताया कि मीता आंटी ने हमेशा उनका ऐसे ख्याल रखा, जैसे वो अपनी ही बेटी हों। कायनात ने यह भी कहा कि दिव्या की खूबसूरती और उसका स्टारडम बेमिसाल था। जैसे अमिताभ बच्चन सिर्फ एक हैं, वैसे ही दिव्या भारती भी सिर्फ एक ही थीं, जिनकी जगह कोई नहीं ले सकता।
मां की आस्था और पुजारी की भविष्यवाणी: क्या था सच?-कायनात ने एक और चौंकाने वाली बात बताई। उन्होंने कहा कि दिव्या की मां, मीता भारती, एक पुजारी की भविष्यवाणी पर बहुत यकीन करती थीं। उस पुजारी ने दिव्या की कुंडली देखकर कहा था कि उसकी उम्र बहुत कम होगी। जब दिव्या 18 साल की हुईं, तो परिवार ने उनकी लंबी उम्र के लिए पूजा-पाठ भी शुरू करवा दिया था, लेकिन फिर अचानक सब बंद हो गया। मीता भारती ने कायनात से कहा था कि उनकी बेटी एक दिन वापस ज़रूर आएगी। दरअसल, वही पुजारी बाद में फिर मिला और उसने दावा किया कि दिव्या का पुनर्जन्म होगा। यह बात आज भी एक गहरा रहस्य बनी हुई है और फैंस को सोचने पर मजबूर करती है कि क्या वाकई ऐसा कुछ था।
वो रात: एक हादसा या कोई गहरी साजिश?-5 अप्रैल 1993 की रात को दिव्या भारती की अचानक मौत की खबर ने हर किसी को सदमे में डाल दिया था। कहा तो यही गया कि वो अपने घर की बालकनी से गिर गई थीं, लेकिन इस मौत की असली वजह आज तक किसी को नहीं पता। यह सवाल आज भी लोगों के मन में है कि क्या यह सचमुच एक हादसा था, या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी थी? 32 साल बीत जाने के बाद भी यह पहेली अनसुलझी है। फैंस और इंडस्ट्री के लोग आज भी यही कहते हैं कि अगर दिव्या भारती आज जिंदा होतीं, तो शायद बॉलीवुड का चेहरा कुछ और ही होता।


