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यमन में गृहयुद्ध तेज: सोकोत्रा में फंसे सैकड़ों विदेशी पर्यटक, भारत ने अपनी नागरिक को सुरक्षित निकाला

International Desk: यमन में सऊदी समर्थित सरकार और यूएई समर्थित अलगाववादी गुटों के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। इसी संकट के बीच भारत ने त्वरित कदम उठाते हुए सोकोत्रा द्वीप पर फंसी एक भारतीय नागरिक को सुरक्षित स्वदेश वापस पहुंचाया है। यमन में जारी हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के बीच सोकोत्रा द्वीप पर पिछले कुछ हफ्तों से फंसी भारतीय नागरिक राखी किशन गोपाल को सुरक्षित निकालकर भारत वापस लाया गया है। यमन स्थित भारतीय मिशन ने बताया कि उन्हें 7 जनवरी को विशेष यमेनिया उड़ान से जेद्दा भेजा गया, जहां से वह भारत के लिए रवाना हुईं।

भारतीय मिशन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि जेद्दा में भारत के वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने उन्हें रिसीव किया और सभी औपचारिकताओं के बाद उन्हें सुरक्षित स्वदेश भेजा गया। यह निकासी ऐसे समय हुई है, जब यमन में सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों और यूएई समर्थित सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) के बीच तनाव चरम पर है। हालिया झड़पों में हद्रमौत और अल-मह्रा प्रांतों में सैन्य ठिकानों को लेकर भीषण संघर्ष हुआ, जिसके कारण हवाई सेवाएं बाधित हो गईं।

रिपोर्टों के अनुसार, एसटीसी बलों ने हाल ही में हद्रमौत की राजधानी मुकल्ला समेत कई इलाकों से पीछे हटना शुरू किया है। हालांकि हिंसा के कारण सोकोत्रा द्वीप पर करीब 400 विदेशी पर्यटक फंसे हुए हैं, क्योंकि मुख्य भूमि पर संघर्ष के चलते उड़ानें निलंबित कर दी गई हैं। यमन सरकार का कहना है कि वह सऊदी अरब की मदद से राज्य का नियंत्रण बहाल करने की कोशिश कर रही है, जबकि एसटीसी ने दक्षिण यमन को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित करने की चेतावनी दी है। इस टकराव ने न केवल क्षेत्रीय राजनीति को जटिल बना दिया है, बल्कि आम नागरिकों और विदेशी नागरिकों की आवाजाही भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।

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