किसानों को बड़ी राहत: मध्यप्रदेश के 11 जिलों में ₹20.6 करोड़ की मदद, सीएम मोहन यादव का ऐलान

एक क्लिक में किसानों के खाते में पहुंची मदद की राशि: एमपी सरकार का बड़ा ऐलान!
किसानों के खातों में सीधे पहुंची राहत, ₹20.6 करोड़ की सहायता जारी-मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत दी है। राज्य के 11 जिलों के करीब 17,500 किसानों के खातों में ₹20.6 करोड़ की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है। यह मदद उन किसानों के लिए है जो हाल ही में आई बाढ़, भारी बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बुरी तरह प्रभावित हुए थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक ही क्लिक में यह राशि जारी करके किसानों के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाई है।
मुख्यमंत्री ने किसानों से की सीधी बात, समस्याओं को सुना-राहत राशि जारी करने के बाद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के किसानों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने किसानों की परेशानियां सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार हर मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य उद्देश्य संवेदनशील शासन प्रदान करना और प्रभावित लोगों को तुरंत राहत पहुंचाना है।
अब तक ₹188.52 करोड़ की मदद किसानों को मिल चुकी है-सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हुए किसानों और अन्य लोगों को कुल ₹188.52 करोड़ की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रदेश सरकार किसानों की समस्याओं को कितनी गंभीरता से ले रही है और उनके कल्याण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।
किसानों की खुशहाली ही सरकार की पहली प्राथमिकता-मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि किसानों का भला करना उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी देश भर के किसानों को समृद्ध बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर किसानों के लिए नई-नई योजनाएं बना रही हैं और उन्हें लागू करने पर काम कर रही हैं।
मुश्किल समय में सरकार किसानों के साथ खड़ी है-मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि किसान हमारे देश की असली ताकत हैं और किसी भी संकट के समय सरकार उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगी। उन्होंने किसानों को विश्वास दिलाया कि हर परिस्थिति में उनकी हर संभव मदद की जाएगी। यह जारी की गई राहत राशि तो बस एक शुरुआत है, भविष्य में भी जरूरत पड़ने पर हर तरह की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
किसान और जवान, दोनों देश के अनमोल रक्षक-मुख्यमंत्री ने किसानों की तुलना देश के वीर जवानों से करते हुए कहा कि जिस तरह सैनिक हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं, उसी तरह किसान अपनी मेहनत से खेतों में अन्न उगाकर पूरे देश का पेट भरते हैं। दोनों की मेहनत और समर्पण ही हमारे देश की असली शक्ति है। इसलिए, सरकार का यह कर्तव्य है कि वह दोनों का पूरा सम्मान करे और उन्हें हर संभव सहयोग दे।



