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शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल: दिवाली से पहले GST सुधार और S&P की रेटिंग अपग्रेड से निवेशकों में जोश

 शेयर बाज़ार में धूम! सेंसेक्स और निफ्टी ने छुए नए शिखर- सोमवार की सुबह शेयर बाज़ार के लिए किसी उत्सव से कम नहीं थी। जैसे ही बाज़ार खुला, निवेशकों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। ऐसा लगा मानो बाज़ार में एक नई जान आ गई हो। सेंसेक्स ने तो कमाल ही कर दिया, शुरुआत में ही 1,021 अंकों की छलांग लगाकर 81,619 के पार निकल गया। वहीं, निफ्टी भी पीछे नहीं रहा, उसने भी 322 अंकों की बढ़त के साथ 24,953 का आँकड़ा पार कर लिया। आखिर इस ज़बरदस्त तेज़ी के पीछे क्या राज़ है? दरअसल, दो बड़ी वजहें हैं जिन्होंने बाज़ार को इतना जोश दिया है – पहला, दिवाली से ठीक पहले जीएसटी (GST) में बड़े सुधारों का ऐलान और दूसरा, दुनिया की जानी-मानी एजेंसी S&P का भारत की क्रेडिट रेटिंग को बेहतर बनाना। इन दोनों ही खबरों ने निवेशकों का भरोसा बहुत बढ़ा दिया है। इस तेज़ी में ऑटोमोबाइल, रोज़मर्रा के इस्तेमाल की चीज़ें बनाने वाली कंपनियों (कंज्यूमर गुड्स) और टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं (ड्यूरेबल्स) से जुड़ी कंपनियों का बड़ा हाथ रहा। मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फाइनेंस जैसी कंपनियों के शेयर सबसे ज़्यादा बढ़े। हाँ, कुछ कंपनियाँ जैसे ITC, L&T और Infosys में थोड़ी नरमी दिखी, लेकिन कुल मिलाकर माहौल बहुत सकारात्मक रहा। जानकारों का मानना है कि यह तेज़ी अभी और भी जारी रह सकती है, क्योंकि सरकार के ये सुधार और रेटिंग में सुधार बाज़ार को एक मज़बूत सहारा दे रहे हैं।

जीएसटी सुधार: कौन से सेक्टर होंगे मालामाल?- प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक बड़ी घोषणा की, जिससे कई लोगों के चेहरे खिल गए। उन्होंने बताया कि दिवाली से पहले जीएसटी कानून में कुछ अहम बदलाव किए जाने वाले हैं, और इसका मसौदा (ड्राफ्ट) राज्यों के साथ भी साझा कर दिया गया है। सबसे खास बात यह है कि इन बदलावों के बाद ज़्यादातर चीज़ें और सेवाएँ अब 5% और 18% वाले टैक्स स्लैब में आ सकती हैं। यह खबर उन सेक्टरों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है जो अभी ज़्यादा टैक्स भर रहे थे।सोचिए, ऑटोमोबाइल और सीमेंट जैसी इंडस्ट्री, जो अभी 28% टैक्स के दायरे में आती हैं, उन्हें इस बदलाव से सबसे ज़्यादा फायदा होगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मारुति, टीवीएस मोटर्स, हीरो मोटोकॉर्प और एम एंड एम जैसी कंपनियों के शेयरों पर इसका सीधा और अच्छा असर देखने को मिलेगा। इतना ही नहीं, इंश्योरेंस कंपनियों को भी इस बदलाव से अतिरिक्त लाभ मिलने की उम्मीद है। अगर ये सारे सुधार दिवाली तक लागू हो जाते हैं, तो निवेशकों का भरोसा और भी मज़बूत होगा और हमें बाज़ार में एक लंबी और शानदार तेज़ी देखने को मिल सकती है। यह वाकई एक अच्छी खबर है जो अर्थव्यवस्था को भी गति दे सकती है।

 ग्लोबल बाज़ारों का हाल और विदेशी निवेशकों का नज़रिया- जब हम दुनिया के दूसरे बाज़ारों पर नज़र डालते हैं, तो वहाँ का नज़ारा थोड़ा मिला-जुला सा नज़र आता है। एशिया में, जापान का निक्केई, शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स तो बढ़त पर थे, लेकिन साउथ कोरिया का कोस्पी थोड़ा नीचे फिसल गया। वहीं, अमेरिकी बाज़ार शुक्रवार को ज़्यादातर गिरावट के साथ ही बंद हुए थे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों की बात करें तो ब्रेंट क्रूड थोड़ा सा नीचे आया है और 65.82 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। दूसरी ओर, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का भारतीय बाज़ार के प्रति नज़रिया फिलहाल थोड़ा सतर्क नज़र आ रहा है। पिछले हफ़्ते गुरुवार को उन्होंने भारतीय शेयरों में करीब 1,927 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी। हालाँकि, अच्छी बात यह है कि हमारे घरेलू निवेशकों और सरकार की नई नीतियों की वजह से बाज़ार में एक संतुलन बना हुआ है। पिछले गुरुवार को सेंसेक्स में मामूली 57 अंकों की बढ़त देखी गई थी, जबकि निफ्टी करीब 12 अंक ही ऊपर चढ़ पाया था। शुक्रवार को तो आज़ादी दिवस की वजह से बाज़ार बंद ही थे। तो कुल मिलाकर, विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद, घरेलू स्तर पर मज़बूती बाज़ार को संभाले हुए है।

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