
जालंधर में जीएसटी का ‘सौदा’! सौंफ-जीरे के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाली 3 फर्में सील, 4 पर जांच-जालंधर में जीएसटी विभाग ने टैक्स चोरी के खिलाफ एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। शहर में कुछ ऐसी फर्में चल रही थीं जो असल में कोई व्यापार नहीं करती थीं, बल्कि सिर्फ कागजों पर ही लेन-देन का खेल खेल रही थीं। खास तौर पर सौंफ और जीरे जैसे मसालों के व्यापार में बिलों का फर्जीवाड़ा कर सरकार को चूना लगाया जा रहा था। इसी गोरखधंधे का पर्दाफाश करते हुए, स्टेट जीएसटी विभाग ने अपनी टीमों के साथ मिलकर तीन ऐसी फर्मों पर सीधा छापा मारा और उन्हें सील कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस लाइन रोड और गांव चुहारवाल की फर्मों पर हुई, जिससे फर्जीवाड़ा करने वालों में हड़कंप मच गया है।
जालंधर में GST की पैनी नजर: फर्जी बिलिंग का जाल कैसे खुला?-जालंधर में जीएसटी विभाग ने बड़ी फुर्ती दिखाते हुए फर्जी सर्कुलर ट्रेडिंग के खेल पर लगाम लगाई है। विभाग को लंबे समय से ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ फर्में असली व्यापार किए बिना ही लाखों-करोड़ों के बिल बना रही हैं, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हो रहा है। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए, डीसी टैक्सेशन दरवीर राज के आदेश पर छह विशेष टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने मिलकर शहर के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी और तीन ऐसी फर्मों को रंगे हाथों पकड़ा, जो सौंफ और जीरे के व्यापार के नाम पर सिर्फ कागजी लेन-देन कर रही थीं। इन फर्मों को पंजाब जीएसटी एक्ट, 2017 और सेंट्रल जीएसटी एक्ट, 2017 के तहत सील कर दिया गया है।
सील हुई फर्मों को चेतावनी: 26 अगस्त को हाजिरी पक्की!-जिन तीन फर्मों को जीएसटी विभाग ने सील किया है, उन्हें अब विभाग ने कड़ा अल्टीमेटम दिया है। इन फर्मों को नोटिस जारी कर 26 अगस्त को जीएसटी भवन में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया गया है। विभाग ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि वे तय तारीख पर उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम यह दर्शाता है कि जीएसटी विभाग अब किसी भी तरह के टैक्स चोरी या फर्जीवाड़े को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। विभाग का यह सख्त रवैया उन सभी कारोबारियों के लिए एक बड़ा संदेश है जो गलत तरीके से अपनी कमाई बढ़ाना चाहते हैं।
किन फर्मों पर गिरी गाज? जानिए पूरा सच!-सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस लाइन रोड पर स्थित रजिंद्रा नगर की ‘मेसर्स बी.एस. ट्रेडर्स’ को एसटीओ बलदीप कर्ण सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने सील किया। इसी तरह, पुलिस लाइन रोड पर ही ‘हनुमान ट्रेडर्स’, जो अमनदीप सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड थी, उसे भी सील कर दिया गया। तीसरी फर्म गांव चुहारवाल में स्थित थी, जिसे भी विभाग ने अपनी कार्रवाई का शिकार बनाया। अधिकारियों का मानना है कि इन तीनों फर्मों ने लंबे समय से फर्जी बिलों के माध्यम से अपने व्यापार को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया और सरकार को लाखों रुपये के टैक्स का चूना लगाया।
सिर्फ सील नहीं, 4 और फर्मों पर भी कसा शिकंजा!-विभाग की कार्रवाई सिर्फ तीन फर्मों को सील करने तक ही सीमित नहीं रही। जीएसटी विभाग की टीमों ने इसके साथ ही चार अन्य फर्मों पर भी अपना शिकंजा कसा। इन फर्मों में मंडी फैंटनगंज की ‘पी.आर. इंटरप्राइजेज’, मुबारकपुर शेख की ‘के.जी. इंटरप्राइजेज’, इंडस्ट्रियल एस्टेट (ढड्डा) की ‘ए.पी. इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन’ और ‘आर.एस. ट्रेडर्स’ शामिल हैं। इन फर्मों के कार्यालयों में जाकर टीमों ने उनके रिकॉर्ड खंगाले, जिसमें बिल, वाउचर और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों की गहन जांच की गई। इस पूरी कार्रवाई में एसटीओ अर्शदीप सिंह, ओंकार नाथ और जसविंदर पाल की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जीएसटी विभाग का सख्त संदेश: फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा!-जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की फर्जी गतिविधियों से सरकार को न केवल राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि यह ईमानदार कारोबारियों के लिए भी एक बड़ी समस्या खड़ी करता है। विभाग का यह कदम टैक्स चोरी के खिलाफ एक निर्णायक लड़ाई का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य फर्जीवाड़े को रोकना और एक ऐसा माहौल बनाना है जहां सभी व्यापारी नियमों का पालन करें। विभाग ने यह भी साफ किया है कि भविष्य में भी इस तरह की जांचें जारी रहेंगी ताकि टैक्स चोरी पर अंकुश लगाया जा सके और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।




