आपदा के बाद बैसानी का हाल: पूर्व सीएम हरीश रावत का दौरा और पुनर्वास की गुहार
बैसानी गांव में तबाही का मंज़र, लोगों की पीड़ा सुन पूर्व सीएम-कपकोट के बैसानी गांव में अभी भी सब कुछ ठीक नहीं हुआ है। हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जी ने इस आपदा से प्रभावित गांव का दौरा किया। उन्होंने खुद चलकर हर जगह का मुआयना किया और देखा कि लोगों को कितना नुकसान हुआ है। उन्होंने वहां के पीड़ित परिवारों से भी मुलाकात की और उनकी एक-एक समस्या को ध्यान से सुना। हरीश रावत जी ने कहा कि अब तो गांव में जो घर बचे भी हैं, वो भी सुरक्षित नहीं रहे। ऐसे में सरकार को बिना देर किए लोगों को कहीं और बसाने की योजना बनानी चाहिए।
‘तराई में बसाएं पीड़ित परिवार’, सीएम से की अपील-पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जी ने सोशल मीडिया के ज़रिए यह बात सामने रखी कि उन्होंने मुख्यमंत्री से कई इलाकों, जैसे उत्तरकाशी, चमोली और बागेश्वर के प्रभावित लोगों को फिर से बसाने की मांग की है। उन्होंने एक सुझाव भी दिया कि तराई वाले इलाकों में सरकार के पास जो खाली ज़मीनें हैं, वहां इन बेघर परिवारों को नया ठिकाना दिया जा सकता है। उनका मानना है कि पहाड़ों में तो हमेशा ही आपदा का खतरा बना रहता है, इसलिए सुरक्षित जगहों पर ही लोगों को बसाना सबसे अच्छा हल है।
सुरक्षित पुनर्वास तक जारी रहेगा दबाव: रावत-पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जी ने साफ तौर पर कहा कि बैसानी गांव के लोग लगातार खतरे में जी रहे हैं और उनके पास रहने के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने भी तराई और पहाड़ दोनों जगहों पर पुनर्वास की बात कही है। हरीश रावत जी को पूरा भरोसा है कि वे इस ज़रूरी मुद्दे पर सरकार पर लगातार दबाव बनाए रखेंगे, ताकि जल्द से जल्द इन पीड़ित परिवारों को एक सुरक्षित और नया घर मिल सके।

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