
हैसरंगा की जादूगरी भी फीकी, पाकिस्तान ने दर्ज की रोमांचक जीत!-एशिया कप के सुपर-4 में पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच खेला गया मुकाबला वाकई देखने लायक था। श्रीलंका के स्टार स्पिनर वानिंदु हैसरंगा ने अपनी फिरकी का ऐसा जाल बुना कि पाकिस्तान की मजबूत बल्लेबाजी भी थोड़ी देर के लिए लड़खड़ा गई। उन्होंने एक के बाद एक साईम अय्यूब और कप्तान सलमान आगा जैसे बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर मैच में जान डाल दी। मजे की बात तो यह रही कि हैसरंगा ने दोनों बार आउट करने के बाद पाकिस्तान के ही स्पिनर अबरार अहमद के स्टाइल में जश्न मनाया, जो काफी चर्चा में रहा। लेकिन, इन सबके बावजूद पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने आखिर तक हिम्मत नहीं हारी और दबाव में भी संयम बनाए रखते हुए मैच जीत लिया।
मुश्किलों से भरी पाकिस्तान की शुरुआत-श्रीलंका द्वारा दिए गए 134 रनों के लक्ष्य को भले ही कागजों पर आसान लग रहा था, लेकिन पिच पर बल्लेबाजी करना उतना भी सीधा नहीं था। पाकिस्तान की शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही। ओपनर साहिबज़ादा फरहान ने कुछ तेज शॉट्स लगाकर रन बटोरे, लेकिन दूसरे छोर पर फखर ज़मान अपनी लय नहीं पकड़ सके और मात्र 17 रन बनाकर चलते बने। छठे ओवर तक पाकिस्तान ने अपने दोनों ओपनर्स के विकेट गंवा दिए थे, जिससे टीम पर दबाव साफ तौर पर देखा जा सकता था। ऐसे में, आगे की बल्लेबाजी के लिए मुश्किल खड़ी हो गई थी।
हैसरंगा का कहर और पाकिस्तान की घबराहट-मैच का असली रोमांच तब शुरू हुआ जब वानिंदु हैसरंगा गेंदबाजी करने आए। उन्होंने आते ही साईम अय्यूब की गिल्लियां बिखेर दीं और फिर कप्तान सलमान आगा को भी चलता कर दिया। एक समय तो ऐसा लगा कि पाकिस्तान की पारी 80 रनों पर ही 5 विकेट खोकर बिखर जाएगी। हर कोई यही सोच रहा था कि कहीं पाकिस्तान यह मैच हाथ से न निकल जाए। दर्शकों की धड़कनें तेज हो गईं और ऐसा लगने लगा कि श्रीलंका का पलड़ा भारी हो रहा है। इस मुश्किल घड़ी में पाकिस्तान को एक मजबूत साझेदारी की सख्त जरूरत थी।
तलात और नवाज़ की समझदारी भरी पारी-जब पाकिस्तान पूरी तरह से मुश्किलों में घिरा हुआ था, तब हुसैन तलात और मोहम्मद नवाज़ ने मोर्चा संभाला। इन दोनों युवा बल्लेबाजों ने जरा भी घबराए बिना पारी को संभाला और बहुत ही समझदारी से रन बनाना जारी रखा। मोहम्मद नवाज़ ने सिर्फ 24 गेंदों का सामना करते हुए 38 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, वहीं हुसैन तलात ने 30 गेंदों पर नाबाद 32 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया। इन दोनों की शानदार और सूझबूझ भरी साझेदारी ने पाकिस्तान को जीत की दहलीज तक पहुंचाया और टीम ने श्रीलंका के दो ओवर शेष रहते ही मैच अपने नाम कर लिया।
पाक गेंदबाजों का कसा हुआ प्रदर्शन-इससे पहले, पाकिस्तान के गेंदबाजों ने भी अपना दम दिखाया और श्रीलंका के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका ही नहीं दिया। शुरुआत में ही श्रीलंका के भरोसेमंद बल्लेबाज कुसल मेंडिस और पथुम निसंका जैसे खिलाड़ी जल्दी आउट हो गए। शाहीन शाह अफरीदी ने अपनी तेज और सटीक गेंदबाजी से श्रीलंका की कमर ही तोड़ दी। उन्होंने कुल तीन विकेट लिए और श्रीलंका के बल्लेबाजों को पिच पर जमने का कोई भी मौका नहीं दिया।
श्रीलंका की कोशिशें और मेंडिस की अर्धशतकीय पारी-हालांकि, श्रीलंका के लिए कामिंदु मेंडिस ने जरूर एक जुझारू पारी खेली और 44 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने चामिका करुणारत्ने के साथ मिलकर सातवें विकेट के लिए एक अहम साझेदारी भी की, जिसकी बदौलत श्रीलंका 133 रनों के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच पाया। लेकिन, यह स्कोर पाकिस्तान के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के सामने काफी कम साबित हुआ। गेंदबाजों के अच्छे प्रदर्शन के बावजूद, बल्लेबाजों के छोटे स्कोर ने टीम की हार की नींव रख दी।
पाकिस्तान की अहम जीत और टूर्नामेंट में वापसी-यह जीत पाकिस्तान के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं थी, क्योंकि अगर वे यह मैच हार जाते तो एशिया कप से बाहर हो सकते थे। लेकिन, हुसैन तलात और मोहम्मद नवाज़ की सूझबूझ भरी बल्लेबाजी ने टीम को टूर्नामेंट में बनाए रखा। दूसरी तरफ, श्रीलंका के गेंदबाजों ने भले ही पूरी जान लगा दी, लेकिन बल्लेबाजों द्वारा बनाया गया कम स्कोर उनकी हार का मुख्य कारण बना। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदों को फिर से जिंदा कर लिया है।



