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ACME Solar का बड़ा कदम: 2 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम का नया ऑर्डर, भारत में बढ़ेगी ग्रीन एनर्जी की ताकत

ACME Solar का बड़ा दांव: 2 GWh बैटरी स्टोरेज का हुआ सौदा! भारत के ग्रीन एनर्जी भविष्य को मिलेगी नई उड़ान

ACME Solar ने रचा इतिहास: 2 GWh का भारी-भरकम बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम खरीदा-ACME Solar, जो कि रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में एक जाना-माना नाम है, उसने हाल ही में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने सोमवार को यह घोषणा की कि उन्होंने 2 GWh (गीगावॉट-घंटा) का एक विशाल बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) ऑर्डर किया है। यह डील चीन की एक बहुत ही प्रतिष्ठित एनर्जी टेक कंपनी, Chuzhou Lishen New Energy Technology Co. Ltd. के साथ हुई है। इस सौदे को अंतिम रूप देने में POSCO International Corporation और China FAW Group Import and Export Co. Ltd. जैसी बड़ी कंपनियों का भी योगदान रहा है। यह पूरा ऑर्डर अगले 6 से 10 महीनों के दौरान अलग-अलग किश्तों में डिलीवर किया जाएगा। ACME इस नई खरीदी गई बैटरी क्षमता का इस्तेमाल अपने FDRE (Firm & Dispatchable Renewable Energy) और अकेले दम पर चलने वाले BESS प्रोजेक्ट्स में करेगा। इन प्रोजेक्ट्स के चालू होने की उम्मीद अगले 12 से 18 महीनों में है। यह कदम ACME की ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में मजबूत पकड़ और उनकी तकनीकी क्षमता का एक बेहतरीन उदाहरण है।

5 GWh से भी ज्यादा की खरीद: प्रोजेक्ट्स की रफ्तार अब होगी दोगुनी!-ACME Solar के सीईओ, निखिल धिंगरा, ने इस बड़ी डील के बारे में बताते हुए कहा कि इस नए सौदे के बाद कंपनी की कुल बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की खरीद 5 GWh से भी अधिक हो गई है। आपको बता दें कि इससे पहले जुलाई 2025 में भी कंपनी ने 3.1 GWh BESS का एक महत्वपूर्ण ऑर्डर दिया था। इस रणनीतिक खरीदारी का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कंपनी को समय पर बैटरी सिस्टम मिल जाएंगे, जिससे उनके प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की गति और भी तेज हो जाएगी। धिंगरा के अनुसार, इस कदम से प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने में आने वाले जोखिम काफी हद तक कम हो जाएंगे। यह फैसला भारत में एनर्जी ट्रांज़िशन को बढ़ावा देने के लिए ACME का एक बहुत ही अहम कदम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब देश में रिन्यूएबल एनर्जी की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।

POSCO और ACME की दोस्ती: भारत के लिए एक सुनहरा मौका!-POSCO International के डायरेक्टर, जेसन ली, ने इस डील को भारत के लिए एक बहुत बड़ा अवसर बताया है। उनका मानना है कि भारत इस समय दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ BESS मार्केट है, और इस मौके का फायदा उठाकर उनकी कंपनी ACME जैसे मार्केट लीडर के साथ मिलकर काम कर सकेगी। इस साझेदारी के ज़रिए POSCO भारत में अपनी व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार करने की योजना बना रहा है। ACME पहले से ही सोलर, विंड, स्टोरेज और हाइब्रिड एनर्जी सॉल्यूशंस के क्षेत्र में एक मजबूत स्थिति रखता है, और यह सहयोग भारत के एनर्जी सेक्टर को एक नई दिशा दे सकता है। यह डील भविष्य के लिए निवेश के साथ-साथ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के मामले में भी काफी महत्वपूर्ण साबित होगी।

Lishen और China FAW Group की अहम भूमिका: भरोसे का दूसरा नाम!-इस पूरे समझौते में Lishen की भूमिका बहुत खास है, क्योंकि यह कंपनी चीन की पहली ऐसी लिथियम-आयन बैटरी R&D और मैन्युफैक्चरिंग फर्म है, जिसके पास लगभग 27 वर्षों का गहरा अनुभव है। कंपनी के जनरल मैनेजर, लू तियानजुन, ने कहा कि यह सहयोग भारत की ऊर्जा दक्षता योजनाओं को और मजबूत बनाने और लंबे समय तक विकास को गति देने में मदद करेगा। वहीं, China FAW Group Import and Export Co. Ltd., जो चीन की सबसे बड़ी सरकारी ऑटोमोबाइल कंपनी का ट्रेडिंग विभाग है, इस डील को और भी ज्यादा भरोसेमंद बनाता है। FAW दुनिया भर में वाहनों, पुर्जों और टेक्नोलॉजी का निर्यात करता है, और अब भारत के एनर्जी सेक्टर में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान देखने को मिलेगा। यह साझेदारी सिर्फ एनर्जी प्रोजेक्ट्स तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह टेक्नोलॉजिकल सहयोग को भी बढ़ावा देगी।

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