सतगुरु स्वामी राजाराम साहब जी के 66वें वर्सी महोत्सव में निकली 251 कलशों की भव्य कलश यात्रा

रायपुर। भारतीय सनातन संस्कृति और मानव सेवा के प्रतीक पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ में शिव अवतारी सतगुरु स्वामी राजाराम साहब जी के 66वें वर्सी महोत्सव का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है और संत-महात्माओं के सान्निध्य में भक्तगण आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त कर रहे हैं।
महोत्सव के दूसरे दिन कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन सत्र में आशा दीवार, भजन-कीर्तन, आरती और अरदास के साथ हुई। इस अवसर पर काशी विश्वनाथ से पधारे महामंडलेश्वर संत गोविंदनंद जी महाराज ने अपने प्रवचन में गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु केवल शरीर नहीं, बल्कि तत्व रूप में परमेश्वर का अंश होते हैं, जो सदैव अपने शिष्यों का मार्गदर्शन करते हैं।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मातृशक्ति द्वारा निकाली गई 251 कलशों से सुसज्जित भव्य कलश यात्रा रही। यह यात्रा परिवार, समाज, नगर, राज्य और देश की सुख-समृद्धि की कामना के उद्देश्य से निकाली गई। कलश यात्रा वैदिक विधि-विधान के साथ महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी गोविंदनंद जी, हरिद्वार से पधारे स्वामी अभिषेक चैतन्य जी एवं स्वामी मोहन दास जी की उपस्थिति में संपन्न हुई।
यह आयोजन शदाणी दरबार के नवम् पीठाधीश डॉ. संत युधिष्ठिर लाल जी के मार्गदर्शन तथा गुरु माता दीपिका शदाणी जी के प्रेरणादायक सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर वृंदावन से पधारी भागवत विदुषी श्रीमती कीर्ति किशोरी जी भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।
रात्रि में लगभग 9 बजे शंख ध्वनि के साथ महा आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान विश्व प्रसिद्ध भजन गायक भगत अनिल, सुशील कुमार उदासी (नागपुर) और बलदेव चावला (रायपुर) ने अपने मधुर भजनों से भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।
महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के लिए अखंड भंडारा और मेडिकल कैंप की व्यवस्था भी निरंतर संचालित की जा रही है, जिससे भक्तजन सेवा और भक्ति के इस महापर्व का लाभ ले रहे हैं।





