छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगालूर क्षेत्र में एक हायर सेकेंडरी स्कूल की 3 आदिवासी छात्राओं के गर्भवती होने का मामला सामने आया

बीजापुर : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगालूर क्षेत्र में एक हायर सेकेंडरी स्कूल की 3 आदिवासी छात्राओं के गर्भवती होने का मामला सामने आया है। ये छात्राएं पोटा केबिन आवासीय संस्था (आरएमएसए) में रहकर पढ़ाई कर रही थीं। इनमें से 2 छात्राएं कक्षा 12वीं और एक छात्रा कक्षा 11वीं की हैं। 2 छात्राएं नाबालिग हैं और सभी करीब पांच माह की गर्भवती हैं।

छात्राओं के गर्भवती होने की जानकारी सामने आने के बाद उन्हें लगभग 5 माह पहले संस्था से हटा दिया गया था। इसके बाद से वे नियमित रूप से स्कूल नहीं आ रही थीं। हालांकि, कक्षा 12वीं की दो छात्राओं ने शनिवार को अपनी अंतिम परीक्षा दी है।

हॉस्टल वार्डन का कहना है कि “ये मेरे कार्यकाल का मामला नहीं” है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

दोषी लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए – बघेल

इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि आवासीय विद्यालय से आ रही ये खबर चिंता पैदा करती है। पता चला है कि अब सरकारी अमला इस मामले को रफा दफा करने में जुट गया है। मामले की पूरी जांच होनी चाहिए और दोषी लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने घटना को लेकर सोशल मीडिया में लिखा प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद लगातार आदिवासी असुरक्षित होते जा रहे हैं। एक तरफ सरकार सुशासन का नारा देती है तो वहीं दूसरी तरफ स्कूल आश्रमों में पढ़ने वाली बेटियां भी सुरक्षित नहीं है?

अधीक्षिका बोलीं- मेरे कार्यकाल का मामला नहीं

इस मामले में जब पोर्टा केबिन आवासीय संस्था की अधीक्षिका से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि यह घटना उनके कार्यकाल का नहीं है और छात्राएं लंबे समय से संस्था से अनुपस्थित हैं।

5 महीने तक प्रशासन और शिक्षा विभाग को खबर क्यों नहीं?

जिले में 2 जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO), 4 खंड स्रोत समन्वयक (BRC), सहायक खंड शिक्षा अधिकारी (ABEO) और मंडल संयोजक जैसे अधिकारी पदस्थ हैं, इसके बावजूद आवासीय संस्थाओं की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं

Related Articles

Back to top button