ज़ी एंटरटेनमेंट की FIFA से बातचीत, 2026 वर्ल्ड कप ब्रॉडकास्ट राइट्स को लेकर रेस तेज

बिजनेस: भारत की प्रमुख मीडिया कंपनी ज़ी एंटरटेनमेंट ने मंगलवार को कहा कि वह देश में 2026 फीफा वर्ल्ड कप के स्ट्रीमिंग और ब्रॉडकास्ट अधिकार हासिल करने के लिए FIFA के साथ बातचीत कर रही है। कंपनी की ओर से जारी बयान में इस डील से जुड़ी किसी भी वित्तीय जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब रिलायंस-डिज़्नी जॉइंट वेंचर और FIFA के बीच बातचीत में अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया है। टूर्नामेंट के 11 जून से शुरू होने से कुछ ही हफ्ते पहले भी स्थिति अनिश्चित बनी हुई है, जिससे ब्रॉडकास्ट राइट्स को लेकर प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है। , FIFA ने शुरुआत में भारत में 2026 और 2030 वर्ल्ड कप के ब्रॉडकास्ट अधिकारों के लिए लगभग 100 मिलियन डॉलर की मांग की थी। बाद में यह उम्मीद घटकर लगभग 60 मिलियन डॉलर से कम नहीं बताई जा रही है। हालांकि यह राशि अभी भी बाजार में मौजूद मौजूदा ऑफर्स से काफी अधिक है। सूत्रों के मुताबिक, रिलायंस-डिज़्नी की ओर से लगभग 20 मिलियन डॉलर का प्रस्ताव दिया गया था, जो FIFA की अपेक्षाओं से काफी कम है। इसी अंतर के कारण दोनों पक्षों के बीच बातचीत में गतिरोध बना हुआ है। , सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स ने भी FIFA ब्रॉडकास्ट अधिकारों को लेकर बातचीत की थी, लेकिन कंपनी ने अंततः भारत के लिए किसी भी तरह का ऑफर देने से इनकार कर दिया। FIFA की ओर से पहले ही कहा जा चुका है कि उसने दुनिया भर में 180 से अधिक क्षेत्रों में ब्रॉडकास्टर्स के साथ समझौते कर लिए हैं, लेकिन भारत जैसे बड़े बाजार में अब भी अंतिम डील को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में फुटबॉल दर्शकों की बढ़ती संख्या और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्पोर्ट्स कंटेंट की मांग को देखते हुए 2026 वर्ल्ड कप के ब्रॉडकास्ट राइट्स को लेकर यह मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि भारत में वर्ल्ड कप का प्रसारण अधिकार किस कंपनी को मिलता है और क्या FIFA और किसी भारतीय ब्रॉडकास्टर के बीच जल्द कोई समझौता हो पाता है या नहीं।




