मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज ग्वालियर में ऋषि गालव विश्वविद्यालय का करेंगे भूमिपूजन

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सोमवार को ग्वालियर प्रवास के दौरान उच्च शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार में बड़े आयाम के रूप में जुड़ने जा रहे आवासीय ऋषि गालव विश्वविद्यालय का भूमिपूजन करेंगे।

यह कार्यक्रम शिवपुरी लिंक रोड से शीतला माता मार्ग पर स्थित बेला ग्राम में प्रात: लगभग 10 बजे आयोजित होगा। इस विश्वविद्यालय का निर्माण मध्यभारत शिक्षा समिति द्वारा लगभग 55 बीघा भूमि पर 110 करोड़ रुपये की लागत से कराया जा रहा है, जिसमें करीब 5 हजार छात्र छात्राओं की पढ़ाई की सुविधा होगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ.यादव प्रात:काल लगभग 10 बजे विमान द्वारा राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल पहुँचेंगे। वे यहां से हैलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर प्रात: लगभग 10.20 बजे ग्राम बेला पहुँचकर ऋषि गालव विश्वविद्यालय के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य सुरेश सोनी, उच्च शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार, जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघ चालक अशोक पाण्डेय एवं मध्यभारत शिक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र बांदिल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण भाग लेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस कार्यक्रम के बाद दोपहर लगभग 12.30 बजे मेला मैदान पहुँचकर “राज्य स्तरीय दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक सम्मेलन” में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर वृंदावन ग्राम थीम पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित करेंगे।

इस कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. यादव शिवपुरी लिंक रोड़ पर स्थित एम्पायर रिसोर्ट में पहुँचकर स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद अपरान्ह लगभग 3.40 बजे गोला का मंदिर के समीप निर्माणाधीन आरोग्यधाम सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल का अवलोकन करने पहुँचेंगे। इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री एयरपोर्ट पहुँचकर वायुमार्ग द्वारा भोपाल के लिये प्रस्थान करेंगे।

मध्य भारत शिक्षा समिति के अध्यक्ष प्रो. राजेंद्र बांदिल ने बताया कि ऋषि गालव विश्वविद्यालय में छात्र छात्राओं के लिए रोजगार संबंधी पाठ्यक्रम के साथ ही भारतीय ज्ञान, परंपरा, जीवन दर्शन, धर्म धरोहर संबंधी पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएंगे, लेकिन सबसे बड़ा उद्देश्य छात्र-छात्राओं में राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करना है। छात्रों में ‘भारत प्रथम’ और ‘हम सबकी भारत माता’ का भाव जागृत करना है। अगले साल गुरु पूर्णिमा पर 18 जुलाई 2027 को ऋषि गालव विश्विद्यालय का पहला बेच की पढ़ाई शुरू होगी। लगभग तीन साल में पूरा विश्वविद्यालय तैयार हो जाएगा।

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