उत्तराखण्ड

आदि कैलाश यात्रा तीन स्थानों से आठ मई से शुरू होगी, किराया भी तय

नैनीताल। उत्तराखंड के सीमान्त पिथौरागढ़ जनपद की व्यास घाटी में स्थित भगवान शिव के पवित्र धाम आदि कैलाश व ओम पर्वत की यात्रा केएमवीएन यानी कुमाऊं मंडल विकास निगम लिमिटेड के तत्वावधान में इस वर्ष 8 मई से प्रारम्भ होगी।

केएमवीएन के प्रबंध निदेशक विनीत तोमर ने बताया कि इस वर्ष श्रद्धालुओं के कुल 15 जत्थे आदि कैलाश यात्रा के लिए रवाना होंगे। यात्रा तीन स्थानों-हल्द्वानी, टनकपुर और धारचूला से प्रारम्भ होगी।

उन्होंने बताया कि हल्द्वानी के लोनिवि गेस्ट हाउस से प्रारंभ होने वाली यात्रा आठ दिन की होगी, और इसका किराया 45 हजार रुपये प्रति व्यक्ति होगा। जबकि टनकपुर से यात्रा छह दिन की होगी और इसका किराया 42 हजार रुपये तथा धारचूला से पांच दिन में पूर्ण की जाने वाली यात्रा का किराया 35 हजार रुपये होगा। यात्रा का पहला चरण 10 जून को समाप्त होगा। हालांकि यह पिथौरागढ़ जिला प्रशासन के निर्देशों एवं स्थानीय मौसम पर भी निर्भर रहेगा।

यात्रा की बुकिंग केएमवीएन की वेबसाइट, सीआरसी यानी केंद्रीय रिजर्वेशन काउंटर और दिल्ली सहित देश के कई स्थानों पर उपलब्ध पीआरओ के माध्यम से की जा सकेगी।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 1981 में कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रारम्भ होने के बाद से ही आदि कैलाश यात्रा का भी महत्व बढ़ा है। वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आदि कैलाश भ्रमण के बाद इस यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं का आकर्षण और अधिक बढ़ गया है।

अधिकारियों के अनुसार पहले प्रत्येक वर्ष लगभग दो हजार श्रद्धालु आदि कैलाश यात्रा पर आते थे, लेकिन वर्ष 2023 के बाद यह संख्या तेजी से बढ़ी है। वर्ष 2023 में लगभग 28 हजार श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल हुए, जबकि वर्ष 2024 से यह संख्या बढ़कर 36 हजार से अधिक हो गई है, और यात्रा के प्रति देश भर के श्रद्धालुओं में जबर्दस्त आकर्षण है।

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