Aaj Ka Panchang 06 January 2026: आज माघ कृष्ण पक्ष, संकष्टी चतुर्थी, जानें पंचांग में शुभ-अशुभ समय और उपाय

Aaj Ka Panchang 06 January 2026: आज 06 जनवरी 2026, दिन मंगलवार है. पंचांग के अनुसार आज माघ, कृष्ण पक्ष, तृतीया तिथि सुबह 11:18 AM तक रहेगी उपरांत चतुर्थी (संकष्टी चतुर्थी) तिथि हो जाएगी आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ-अशुभ समय और उपाय…
आज का पंचांग: 06 जनवरी 2026, दिन मंगलवार
दिन: मंगलवार
तिथि: माघ, कृष्ण पक्ष, तृतीया (सुबह 11:18 AM तक), उसके बाद चतुर्थी (संकष्टी चतुर्थी)
संवत: श्री शुभ संवत 2082
शक संवत: 1947
हिजरी सन: 1447
सूर्योदय: 06:40 AM
सूर्यास्त: 05:14 PM
नक्षत्र, योग व करण
सूर्योदय कालीन नक्षत्र: अश्लेषा (दोपहर 03:45 PM तक), उसके बाद मघा
योग: विष्कुम्भ (रात 02 :12 AM तक), उसके बाद प्रीति
करण: वणिज (सुबह 08:01 AM तक), विष्टि/भद्रा (शाम 06:33 PM तक), फिर बव
ग्रह स्थिति (सूर्योदय कालीन)
- सूर्य: धनु राशि
- चंद्रमा: कर्क राशि (दोपहर 03 :45 PM तक, उसके बाद सिंह राशि)
- मंगल: धनु राशि
- बुध: धनु राशि
- देव गुरु बृहस्पति: मिथुन राशि (वक्री)
- शुक्र: धनु राशि
- शनि: मीन राशि
- राहु: कुंभ राशि
- केतु: सिंह राशि
चौघड़िया मुहूर्त (मंगलवार)
प्रातः काल
06:40 AM से 07:59 AM – रोग
07:59 AM से 09:18 AM – उद्वेग
09:18 AM से 10:38 AM – चर
10:38 AM से 11:57 AM – लाभ
दोपहर काल
11:57 AM से 01:16 PM – अमृत
01:16 PM से 02:35 PM – काल
सायंकाल
02:35 PM से 03:55 PM – शुभ
03:55 PM से 05:14 PM – रोग
खरीदारी / नए कार्यों के लिए शुभ समय
- दोपहर: 11:57 AM से 01:16 PM (अमृत चौघड़िया)
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:37 AM से 12:18 PM तक
- विशेष: आज संकष्टी चतुर्थी है, जो भगवान गणेश की पूजा के लिए अत्यंत शुभ है.
अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 02:35 PM से 03:55 PM तक
- गुलिक काल: दोपहर 11:57 AM से 01:16 PM तक
- यमगण्ड: सुबह 09:18 AM से 10:38 AM तक
- भद्रा: सुबह 08:01 AM से शाम 06:33 PM तक (भद्रा में शुभ कार्य वर्जित हैं)
- दिशाशूल: उत्तर दिशा (मंगलवार को उत्तर दिशा में यात्रा वर्जित है)
- यदि यात्रा आवश्यक हो तो: गुड़ खाकर या पानी पीकर घर से निकलें.
आज का विशेष योग व उपाय
विशेष: आज लंबोदर संकष्टी चतुर्थी है. शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने का विधान है.
व्रत/पर्व: संकट चौथ / संकष्टी चतुर्थी व्रत.
सरल उपाय: “ॐ गं गणपतये नमः” का जाप करें और गणेश जी को दूर्वा (घास) और मोदक अर्पित करें. चूंकि आज भद्रा भी है, इसलिए शाम के समय (भद्रा समाप्ति के बाद) पूजा करना विशेष फलदायी होगा.




