
जनसेवा का महायज्ञ: 17 सितंबर से शुरू हो रहा ‘सेवा पखवाड़ा’, जानिए क्या हैं बड़े बदलाव!
जनता के द्वार पर सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ!-17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक, यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से लेकर गांधी जयंती तक, एक खास ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम फैसला लिया गया। इस दौरान, मुख्यमंत्री खुद अलग-अलग जिलों में जाकर सरकारी योजनाओं के काम-काज का जायजा लेंगे। इसका मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का फायदा आम लोगों तक, खासकर दूर-दराज के इलाकों तक, बिना किसी रुकावट के और जल्दी पहुंचे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए योजनाओं की निगरानी पर भी खास जोर दिया जाएगा।
अब नगर पालिका अध्यक्षों का चुनाव सीधे जनता करेगी!-कैबिनेट ने एक और बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्षों का चुनाव सीधे जनता द्वारा किया जाएगा। यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि बार-बार होने वाले अविश्वास प्रस्तावों से अध्यक्षों को बचाया जा सके और स्थानीय शासन में स्थिरता आए। इस नई व्यवस्था से चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और मजबूत होगी। सरकार नगर पालिका अधिनियम की धारा 47 में संशोधन करके इसे अध्यादेश के ज़रिये लागू करने की तैयारी में है, जिससे जनता की भागीदारी और बढ़ेगी।
प्रदूषण फैलाने वाली पुरानी गाड़ियों को कबाड़ में देने पर भारी छूट!-पर्यावरण को बचाने की दिशा में सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बीएस-1 और बीएस-2 जैसे पुराने और ज़्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को स्क्रैप (कबाड़) करने वालों को अब नई गाड़ी खरीदते समय मोटर टैक्स में 50% तक की छूट मिलेगी। यह उन लोगों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है जो अपनी पुरानी, प्रदूषणकारी गाड़ियों को हटाना चाहते हैं। इस पहल से न केवल सड़कों पर प्रदूषण कम होगा, बल्कि लोगों को आर्थिक राहत भी मिलेगी। यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।


