
बालों की जान, इन विटामिन्स में! कहीं इनकी कमी तो नहीं रोक रही आपके बालों की ग्रोथ?- आजकल हर कोई चाहता है कि उसके बाल घने, लंबे और चमकदार दिखें। लेकिन जब अचानक बाल झड़ने लगें, रूसी (डैंड्रफ) बढ़ जाए या फिर बालों की लंबाई बढ़ना ही बंद हो जाए, तो चिंता होना लाज़मी है। क्या आप जानते हैं कि आपके बालों की हालत सीधे तौर पर आपके शरीर के अंदरूनी स्वास्थ्य का आईना होती है? अक्सर ऐसा होता है कि बालों की ग्रोथ धीमी होने का कारण सिर्फ बाहर से की जाने वाली देखभाल नहीं, बल्कि शरीर के अंदर पोषण की कमी भी होती है। कुछ खास विटामिन्स की कमी सीधे तौर पर आपके बालों की सेहत पर असर डालती है। आइए, आज हम जानते हैं उन ज़रूरी विटामिन्स के बारे में, जिनकी कमी आपकी हेयर ग्रोथ को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।
बायोटिन (Vitamin B7): बालों का सच्चा साथी- बायोटिन को तो सब ‘हेयर विटामिन’ के नाम से ही जानते हैं, और क्यों न हो! यह विटामिन बालों, त्वचा और नाखूनों के लिए वाकई बहुत ज़रूरी है। यह हमारे बालों का मुख्य प्रोटीन, केराटिन, बनाने में मदद करता है। जब शरीर में बायोटिन की कमी होती है, तो सबसे पहले बाल पतले होने लगते हैं, खूब झड़ने लगते हैं और कई बार तो उनकी ग्रोथ रुक सी जाती है। इसके अलावा, आपके नाखून भी आसानी से टूटने लगते हैं और त्वचा पर छोटे-छोटे दाने या रैशेज भी दिख सकते हैं। कहां मिलेगा बायोटिन? अंडे की ज़र्दी, बादाम और अखरोट जैसे मेवे, सूरजमुखी के बीज, शकरकंद, पालक और फूलगोभी में यह भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
विटामिन-डी: सिर्फ हड्डियों के लिए नहीं, बालों के लिए भी वरदान- वैसे तो हम विटामिन-डी को हड्डियों की मजबूती से जोड़कर देखते हैं, पर यकीन मानिए, यह हमारे बालों के फॉलिकल्स (जड़ें) के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यह विटामिन बालों के नए रोम बनाने में मदद करता है और पुराने फॉलिकल्स को भी एक्टिव रखता है। जब शरीर में इसकी कमी हो जाती है, तो बाल झड़ने लगते हैं और उनकी ग्रोथ काफी धीमी पड़ जाती है। कई बार तो एलोपेशिया जैसी गंभीर समस्या भी विटामिन-डी की कमी से जुड़ी पाई गई है। विटामिन-डी के स्रोत: सुबह की ताज़ी धूप, सालमन और मैकेरल जैसी फैटी फिश, अंडे, और फोर्टिफाइड दूध व दही इसके अच्छे स्रोत हैं।
आयरन: बालों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का सीक्रेट- आयरन हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने का काम करता है, जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए ज़िम्मेदार है। हमारे बालों के फॉलिकल्स को भी ठीक से बढ़ने और मजबूत रहने के लिए ऑक्सीजन और पोषण की सख़्त ज़रूरत होती है। जब शरीर में आयरन की कमी होती है, खासकर महिलाओं में, तो बाल बहुत ज़्यादा झड़ने लगते हैं। बाल बढ़ने की बजाय टूटने और गिरने लगते हैं। आयरन के बेहतरीन स्रोत: पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, बीन्स, दालें, टोफू, रेड मीट और किशमिश। एक खास बात यह है कि अगर आयरन को विटामिन-सी वाली चीज़ों के साथ लिया जाए, तो शरीर उसे और अच्छे से सोख पाता है।
विटामिन-सी: बालों को अंदर से मज़बूत बनाने वाला एंटीऑक्सीडेंट- विटामिन-सी एक बहुत पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है, जो हमारे शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है। इसके अलावा, यह कोलेजन बनाने में भी मदद करता है, जो हमारे बालों को मज़बूत और स्वस्थ बनाए रखता है। विटामिन-सी की कमी से बाल बहुत रूखे, दोमुंहे और कमज़ोर हो सकते हैं। साथ ही, यह शरीर में आयरन को सोखने की प्रक्रिया को भी प्रभावित करता है, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से बालों का झड़ना बढ़ सकता है। विटामिन-सी के स्रोत: खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू, मौसंबी, कीवी, स्ट्रॉबेरी, शिमला मिर्च और ब्रोकोली में यह भरपूर मात्रा में मिलता है।
विटामिन-ई: स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है- विटामिन-ई भी एक महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट है। यह हमारे सिर की त्वचा (स्कैल्प) में खून के दौरे को बेहतर बनाता है, जिससे बालों की जड़ों (फॉलिकल्स) तक ज़्यादा ऑक्सीजन और पोषण पहुँच पाता है। इसकी कमी से स्कैल्प का स्वास्थ्य खराब हो सकता है, बाल रूखे हो जाते हैं और उनकी ग्रोथ भी धीमी पड़ जाती है। विटामिन-ई के स्रोत: बादाम, सूरजमुखी के बीज, एवोकाडो, पालक और कीवी में यह अच्छी मात्रा में पाया जाता है।
विटामिन-ए: सेल ग्रोथ और स्कैल्प हेल्थ के लिए ज़रूरी-विटामिन-ए हमारे शरीर की हर कोशिका (सेल) के विकास के लिए बहुत ज़रूरी है, और बाल तो सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली कोशिकाओं में से हैं। यह स्कैल्प में सीबम बनाने में मदद करता है, जो बालों को नमीयुक्त और स्वस्थ रखता है। हालांकि, एक बात का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है कि विटामिन-ए की बहुत ज़्यादा मात्रा भी नुकसानदेह हो सकती है और बालों के झड़ने का कारण बन सकती है।

