
हर्निया: जब शरीर का अंग बाहर निकल आए, जानिए क्या है ये और क्यों है खतरनाक?-आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खानपान और कम शारीरिक मेहनत के कारण शरीर कई तरह की बीमारियों का शिकार हो रहा है। इनमें से एक आम समस्या है ‘हर्निया’। पहले लोग सोचते थे कि यह सिर्फ बुढ़ापे में होने वाली बीमारी है, लेकिन अब तो नौजवानों में भी यह खूब देखने को मिल रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह है हमारी मांसपेशियों का कमजोर होना, कसरत न करना और पेट पर लगातार पड़ने वाला दबाव। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं या इसके बारे में जानना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है।
हर्निया क्या है? आसान शब्दों में समझें-सोचिए, हमारे शरीर के अंदर के अंग अपनी जगह पर एक मजबूत दीवार यानी मांसपेशियों के सहारे टिके रहते हैं। जब ये मांसपेशियां किसी वजह से कमजोर पड़ जाती हैं या उनमें कोई छेद हो जाता है, तो अंदर का कोई अंग, जैसे कि आंत का टुकड़ा, उस कमजोर जगह से बाहर की ओर उभरने लगता है। इसी को हम ‘हर्निया’ कहते हैं। यह उभार अक्सर पेट के निचले हिस्से, कमर या कभी-कभी सीने के पास भी देखा जा सकता है। कई बार यह उभार एक छोटी सी गांठ जैसा दिखता है, जो कभी अंदर चली जाती है और कभी बाहर आ जाती है। कुछ लोगों को इसमें हल्का दर्द महसूस होता है, जबकि कई लोगों को तो पता भी नहीं चलता कि उन्हें हर्निया है। यह धीरे-धीरे बढ़ता रहता है और अगर ध्यान न दिया जाए तो गंभीर रूप ले सकता है। डॉक्टर्स का कहना है कि इसका एकमात्र पक्का इलाज ऑपरेशन ही है, क्योंकि यह अपने आप ठीक नहीं होता।
हर्निया शरीर के किन हिस्सों में हो सकता है?-हर्निया सिर्फ पेट तक ही सीमित नहीं है, यह शरीर के कई अलग-अलग हिस्सों में हो सकता है। हर जगह पर इसके होने का कारण और लक्षण थोड़ा अलग हो सकता है, जिससे लोग अक्सर इसे पहचान नहीं पाते। सबसे आम जगहें जहां हर्निया हो सकता है, उनमें शामिल हैं: पेट के निचले हिस्से के पास की दीवार, जिसे ग्रोइन एरिया कहते हैं। पुरुषों में यह ‘इंग्वाइनल कैनाल’ से बाहर आ सकता है, जो काफी आम है। महिलाओं में ‘फीमोरल कैनाल’ से भी हर्निया हो सकता है। इसके अलावा, अगर किसी की पहले पेट की सर्जरी हुई हो, तो उस ऑपरेशन के निशान वाली जगह की मांसपेशियां कमजोर होकर हर्निया का कारण बन सकती हैं, जिसे ‘इंसीजनल हर्निया’ कहते हैं। कभी-कभी सीने और पेट के बीच की मांसपेशी, जिसे डायफ्राम कहते हैं, उसमें छेद होने से पेट का ऊपरी हिस्सा सीने में जा सकता है, यह ‘हाइटल हर्निया’ कहलाता है। नाभि के पास भी यह आम है, जिसे ‘अम्बिलिकल हर्निया’ कहते हैं। इन सभी जगहों पर होने वाले हर्निया के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए किसी भी उभार या दर्द को नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
हर्निया के विभिन्न प्रकार और उनके खतरे-हर्निया कई तरह के होते हैं, और हर प्रकार के अपने खास लक्षण और खतरे होते हैं। सबसे आम है ‘इंग्वाइनल हर्निया’, जो पुरुषों में 75% मामलों में देखा जाता है और कमर के पास होता है। ‘फीमोरल हर्निया’ महिलाओं में ज्यादा होता है और यह कमर के निचले हिस्से में होता है। ‘हाइटल हर्निया’ में पेट का ऊपरी हिस्सा सीने की तरफ खिसक जाता है, जिससे सीने में जलन और एसिडिटी जैसी समस्या हो सकती है। ‘इंसीजनल हर्निया’ सर्जरी के बाद टांकों वाली जगह पर होता है। ‘अम्बिलिकल हर्निया’ बच्चों में जन्म से ही नाभि के पास हो सकता है, जो बड़े होने पर ठीक हो जाता है, लेकिन वयस्कों में यह गंभीर हो सकता है। ‘वेंट्रल हर्निया’ पेट की सामने वाली दीवार पर कहीं भी हो सकता है। सबसे खतरनाक स्थिति तब आती है जब हर्निया ‘फंस’ जाता है, यानी बाहर निकला हुआ अंग वापस अंदर नहीं जा पाता। ऐसे में उस अंग में खून का दौरा रुक जाता है, जिससे ऊतक (टिशू) मरने लगते हैं। इस स्थिति में असहनीय दर्द, सूजन और उल्टी जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। अगर तुरंत इलाज न मिले तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
हर्निया: क्या यह अपने आप ठीक हो सकता है?-यह एक बहुत ही आम सवाल है कि क्या हर्निया बिना ऑपरेशन के ठीक हो सकता है। इसका सीधा जवाब है – नहीं। हर्निया एक शारीरिक समस्या है जहां मांसपेशियों की कमजोरी के कारण अंग बाहर निकल आते हैं। जब तक उस कमजोर हिस्से को मजबूत करके या उसे ठीक करके बंद नहीं किया जाता, तब तक वह अंग बाहर आता रहेगा। खासकर वयस्कों में होने वाला हर्निया अपने आप कभी ठीक नहीं होता। कुछ खास तरह के हर्निया, जैसे बच्चों में जन्मजात अम्बिलिकल हर्निया, कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो सकते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में, खासकर जब हर्निया बड़ा हो या उसमें दर्द हो, तो डॉक्टर सर्जरी की सलाह देते हैं। सर्जरी ही एकमात्र ऐसा तरीका है जिससे हर्निया को जड़ से खत्म किया जा सकता है और भविष्य में होने वाली गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। इसलिए, अगर आपको हर्निया के लक्षण दिखें, तो इसे नजरअंदाज न करें और जल्द से जल्द किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलें।




