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निरंकारी महिला समागम: बहुभाषी भक्ति गीतों और लघु नाटिका के माध्यम से सतगुरु माता जी की शिक्षाओं का संदेश

संत निरंकारी मिशन द्वारा रविवार को लाखेनगर स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में निरंकारी महिला समागम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिलाओं ने लघु नाटिका, पैनल डिस्केशन,बहु भाषिय भक्ति गीतों आदि के द्वारा सतगुरु माता जी की दिव्य शिक्षाओं का संदेश जनमानस तक पहुँचाने का सफल प्रयास किया।

इस समागम में मुख्य अतिथि बिलासपुर से आई बहन साक्षी धुप्पड़ जी ने अपने प्रवचनों में फरमाया कि घर के वातावरण को एक महिला ही स्वर्गमई बना कर रखती है।नारी सबके भले की,सुखों की कामना करती है।आज नारी का योगदान संसार के हर क्षेत्र में देखने को मिलता है।

निरंकारी मिशन के इतिहास में भी महिलाओं का योगदान हम देखते है तो हमे जगत माता बुधवंती जी राज माता कुलवंत कौर जी और माता सविंदर जी की सेवा और सिखलाई याद आती है। अपने निजी सुख का इन्होंने कभी ध्यान न रखकर मानव सेवा के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन अर्पित कर दिया।

हर युग में नारी ने समाज को श्रेष्ठ बनाने में तप और त्याग किया
नारी परिवार के सभी रिश्तों को प्यार के धागे में पिरो कर रखती है।बच्चों को शिक्षित करने का कार्य उन्हें संस्कार देने का कार्य भी एक महिला द्वारा ही किया जाता है।मकान को घर बनाने की जिम्मेदारी भी एक महिला कुशलता पूर्वक निभाती है।

जोनल इंचार्ज आदरणीय गुरबख्श सिंह कालरा ने भी इस अवसर पर निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज का शुक्रिया किया और फरमाया की नारी ही एक उत्तम समाज की नीव अपने परिवार में रखती है जिसका प्रभाव समय बीतने के साथ समाज और विश्व के सामने हमें देखने को मिलता है।इतिहास में जितने भी महान व्यक्ति हुए है उनको एक माँ ने ही शिक्षित किया।

ये जानकारी संत निरंकारी मंडल की ब्रांच रायपुर के मीडिया प्रभारी प्रेम सिंह धामी ने दी ।

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