जिला अस्पताल में अब आंखों के मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज हो सकेगा, क्योंकि पिछले दो सालों से अस्पताल के आई वार्ड में डॉक्टर नहीं होने के कारण अस्पताल पहुंचे मरीजों का इलाज नेत्र सहायक द्वारा किया जा रहा था, लेकिन अब जिला अस्पताल में आंख की स्पेशलिस्ट डॉ. निकिता खेस ने ज्वाइनिंग दी है।

अभी तक डॉक्टर नहीं होने के कारण पूर्व डॉक्टर को प्रति सर्जरी एक निश्चित राशि देकर कांट्रैक्ट में रखा गया था। इस वजह से अलग-अलग ब्लॉकों के मरीजों के लिए अलग-अलग दिन महीने में निर्धारित किया गया था। अब मोतियाबिंद का ऑपरेशन भी नियमित होगा व जांच भी स्पेशलिस्ट डॉक्टर की निगरानी में होगी। जिला चिकित्सालय जांजगीर में बड़ी संख्या में आंख की बीमारी से संबंधित लोग इलाज कराने आते हैं। पूर्व में डॉ. मनोज राठौर द्वारा नौकरी छोड़ देने के बाद से यहां स्पेशलिस्ट डॉक्टर की कमी हो गई थी। मोतियाबिंद का भी ऑपरेशन नहीं हो पा रहा था। इसलिए व्यवस्था बनाने के लिए उन्हें ही कांट्रैक्ट पर रखा गया था।

छोटी-मोटी समस्याओं को लेकर पहुंचे आए मरीजों का इलाज नेत्र सहायक की मदद की जा रही थी। स्पेशलिस्ट नहीं होने के कारण गंभीर मरीजों को निजी क्लीनिकों में जाकर इलाज करना पड़ रहा था, लेकिन अब आंखों की गंभीर बीमारी लेकर पहुंचे मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज हो रहा है। वर्तमान में शासन द्वारा डॉ. िनकिता खेस को जिला अस्पताल में पदस्थ किया है। उनकी ज्वानिंग के बाद मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल रही है।

मेडिकल बोर्ड की अब भी मिलेगी लोगों को सुविधा
जिला अस्पताल में आई स्पेशलिस्ट डॉक्टर के नहीं होने से कुछ सालों से आंखों से संबंधित मरीजों को मेडिकल बोर्ड द्वारा सर्टिफिकेट जारी नहीं हो पा रहा था, जिसके कारण मरीजों को सर्टिफिकेट के लिए कोरबा या बिलासपुर का चक्कर काटना पड़ रहा था। जिला अस्पताल में डॉक्टर के ज्वाइनिंग के बाद अब आंखों से संबंधित रोगियों को मेडिकल बोर्ड से सर्टिफिकेट भी जारी किया जा रहा है।

निजी अस्पतालों में मोटी फीस- मोतियाबिंद के आॅपरेशन निजी अस्पतालों में कराने पर लोगों को सरकार द्वारा हेल्थ योजना के तहत दी गई मुफ्त इलाज की सुविधा नहीं मिल रही, क्योंकि सरकार ने निजी अस्पतालों में आंंख के इलाज की सुविधा बंद कर दी है। ऐसे में सही समय पर सरकारी में इलाज नहीं होने पर लोग निजी अस्पतालों में इलाज और आॅपरेशन कराने मजबूर थे। इससे मोटी फीस देनी पड़ रही थी। 15 से लेकर 30 हजार तक आॅपरेशन की फीस वसूली जा रही है।

अस्पताल पहुंचे मरीजों का इलाज किया जा रहा
जिला अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. निकिता खेस ने ज्वाइनिंग दी है। रोजाना अस्पताल पहुंचे मरीजों का इलाज किया जा रहा है। साथ ही डॉ. निकिता खेस की ज्वाइनिंग के बाद अब गंभीर मरीजों का भी इलाज अस्पताल में किया जा रहा है। वहीं आंखों से संबंधित लोगों काे अब मेडिकल बोर्ड से सर्टिफिकेट भी जारी किया जाएगा।
डॉ. अनिल जगत, सीएसभास्कर

By Nirbhay News

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